युही मन में कही सारी बाते हिलकोरे मारते रहती है , कई बार भावनाओ में तो कभी विचारो के सागर में भर्मण कर लेता हूँ। आनंद मिलता है और कभी उस आनंद से कुछ शब्द की मोती निकल पड़ती है. जीता हूँ जीवन को एक उत्सव की तरह.… युही आरजू लिए पल भर की … .
#अखिलेश_त्रिपाठी
Thursday, 11 September 2014
"बच्चो के अरमान "
स्टूल पर चढ़ कर बल्ब उतारते हुए, वो गिरा है अभी... जो कभी कहता था, आसमान से तारे तोड़ कर लायेगा .. आरज़ू-मेरी महफ़िल से #akhilesh_tripathi
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