युही मन में कही सारी बाते हिलकोरे मारते रहती है , कई बार भावनाओ में तो कभी विचारो के सागर में भर्मण कर लेता हूँ। आनंद मिलता है और कभी उस आनंद से कुछ शब्द की मोती निकल पड़ती है. जीता हूँ जीवन को एक उत्सव की तरह.… युही आरजू लिए पल भर की … .
#अखिलेश_त्रिपाठी
Sunday, 14 September 2014
... बहुत कुछ कहना है ...
आप सबके प्यार से मैंने सोचा एक हिंदी ब्लॉग भी शुरू किया जाए || शायद हिंदी में भी मुझे बहुत कुछ कहना है :)
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